जीत आपकी

हेल्लो दोस्तो कैसे है आप स्वागत है आपका अपने ब्लॉग Gyan sager मै। आज हम बात करेंगे शिव खेरा जी की किताब जीत आपकी के बारे मै।                                       


                           नजरिए का महत्व

एक आदमी मेले में गुबारे बेच के गुजर रहा था।उसके पास लाल हरे नीले पीले और इसके अलावा अन्य रंग के गूबारे थे ।जब उसकी बिक्री कम होती तो वह हीलियम गेस से भरा एक गुबारा हवा में उड़ा देता । बच्चे जब उड़ता गूबारा देखते तो वैसा ही गुबरा पाने को आतुर हो उठते। वे उसके पास गूबरा खरीदने के लिए चले जाते और उस आदमी की बिक्री फिर बढ़ने लगती। एक दिन उस महसूस हुआ की कोई उसके जैकेट को खींच रहा है। उसने पलट कर देखा तो वहा एक बच्चा खडा था। बच्चे ने उसे पूछा की क्या आप हवा मै किस काले रंग का गुब्बारे को छोड़ दोगे तो क्या वो भी उड़ेगा? बच्चे के इस सवाल ने गुब्बारे वाले के मन को छू लिया। बच्चे की ओर मुड़ कर उसने जवाब दिया, "बेटे गुब्बारा अपनी रंग की वजह से नहीं बल्कि उसकी अंदर चीज की वजह से उड़ता है।।

दोस्तो जैसा की हमने इस कहानी से सीखा हमारी जिंदगी मै भी यही उसूल लागू होता है। हमरी अंदरुनी शख्शियत की वजह से जो हमारा नजरिया बनता है वहीं हमें ऊपर उठाता है हवार्ड विश्विद्यालय (harvard University) के िइयाम जेमस का कहना है  हमारी पीीढ़ी कि सबसे बड़ी खोज यह है कि इंसान अपना नजरिया बदल कर अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकता है। अंग्रेजी भाषा में इसे attitude कहते है ।




हमारा  फिल्ड चाहै जो हो कामयाबी की बुनियाद तो नजरिया ही है  दोस्तो मै आपको एक कहानी सुनाता हूं इसे आपको पता लगेगा की हमारी जिंदगी मै नजरिए का कितना महत्व है ।

हम सभी बाइबिल मै बताई गई डेविड ओर गोलियथ की कहानी जानते है। गोलियथ एक राछस था। उसने हर आदमी के दिल में अपना डर बैठा रखा था । एक दिन 17 साल का एक भेड़ चराने वाला अपना भाईयो से मिलने आया ।उसने पूछा तुम लोग इस राछस से लड़ते क्यू नही हो ? उसके भाई गोलियथ से डरते थे । उन्होंने जवाब दिया कि क्या तुम्हे दिखता नहीं है कि वो इतना बड़ा है की उस मरा नहीं जा सकता ? इस पर डेविड ने जवाब दिया कि बात ये नहीं की वो बड़ा है उसे मरा नहीं जा सकता ,बल्कि हकीकत यह है कि वो इतना बड़ा है की उस बार लगाया निशाना चूक ही नहीं सकता । उसके बाद जो हुआ वो सबको मालूम है डेविड ने उसे गुलेल से ही मर डाला राछस वहीं था लेकिन उसके बारे मै डेविड का नजरिया अलग था

चलिए दोस्तो इसी के साथ खत्म करते है आज का अपना पहला पार्ट मिलते है आपसे जीत आपकी के दूसरे पार्ट मैं।।।

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