Current affairs in Hindi

                Current affairs in Hindi

                

नमस्ते दोस्तों केसे है आप सब एक बार फिर से आपका अपने ब्लॉग gyansager.in मै हम कोशिश करते है कि आप लोग के लिए अच्छी जानकारी दे सके इसलिए आज थोड़ी थोड़ी चीजे इकट्ठा कर के आप लोगो के सामने एक साथ पेश करते है आशा करता हूं आप लोगो को पसंद आयेगी ।

जसबिंदर बिलन ने ब्रिटेन का प्रसिद्ध बाल साहित्य पुरस्कार जीता


भारतीय मूल की लेखिका जसबिन्दर बिलान को उनके पहले उपन्यास ‘आशा एंड द स्प्रिट बर्ड’ के लिए ब्रिटेन का प्रसिद्ध बाल साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. लेखिका ने इस उपन्यास में हिमालय पर्वत के परिप्रेक्ष्य में अपने बचपन की जीवनगाथा प्रस्तुत की है.

उन्हें इस पुस्तक के लिए पुरस्कार के रूप में पांच हजार पौंड की रकम दी जायेगी. यह प्रतियोगिता ब्रिटेन तथा आयरलैंड में रहने वाले लेखकों के लिए था. यह उपन्यास नौ साल या उससे अधिक उम्र के पाठकों के लिए है.


आईसीएआर ने ‘कृषक नवोन्मेष कोष’ की स्थापना
 करने की घोषणा की


भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने हाल ही कृषि में वैज्ञानिक नवाचारों को बढ़ावा देने तथा कृषि को तकनीकी से जोड़ने हेतु एक ‘कृषक नवोन्मेष कोष’ की स्थापना करने की घोषणा की है. इस कोष की स्थापना अगले वित्त वर्ष तक की जायेगी. यह घोषणा किसान विज्ञान कांग्रेस के दौरान की गयी.

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की स्थापना 15 जुलाई 1929 को की गयी थी. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है. यह एक स्वायत्त संस्था है. इस संस्था का प्रमुख कार्य भारत में शिक्षा अनुसंधान तथा शिक्षा के लिए समन्वय स्थापित करना है.


जस्टिन बीबर एक खतरनाक संक्रामक बीमारी से
जूझ रही है


कनाडाई पॉप गायक जस्टिन बीबर ने हाल ही में खुलासा किया कि वह 'लाइम डिजीज' से जूझ रहे हैं. उन्होंने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में खुलासा किया कि उन्हें पिछले कुछ समय से इस पुराने संक्रमण का पता चला है.

लाइम एक संक्रामक बीमारी है. यह बीमारी ब्लैकलेग्ड टिक के काटने से होती है. यह टिक भेड़ और कुत्ते जैसे कई जानवरों में पाए जाते हैं. शुरुआत में इस बीमारी के लक्षणों का पता नहीं चलता है. जो लक्षण दिखाई भी देते हैं वे बिल्कुल डिप्रेशन की अवस्था के लक्षण होते हैं. इसीलिए यह बीमारी और भी खतरनाक है.


सेना प्रमुख बनते ही पहली बार सियाचिन पहुंचे म
मुकुंद नरवणे


भारतीय सेना के नए अध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे लद्दाख के सियाचिन के दौरे पर हैं. पदभार संभालने के बाद सेना प्रमुख नरवणे का यह पहला दौरा है. उन्होंने सियाचिन पहुंचकर युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने साथ ही जवानों से मिलकर सुरक्षा मसलों पर जानकारी ली.

जनरल नरवणे देश के 28वें सेना प्रमुख हैं. उन्होंने जनरल बिपिन रावत का स्थान लिया है. जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया है. सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र है. सेना अध्यक्ष जनरल नरवणे ने कहा कि हम जानते हैं कि यहां प्रत्येक इंसान बहुत कठिन स्थिति, दुर्गम इलाके तथा बर्फीले मौसम की चपेट में है.


16 देशों के राजनयिक जम्मू-कश्मीर पहुंचे


जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद भारत में 16 देशों के राजनयिक मौजूदा स्थिति का मुआयना करने श्रीनगर पहुंचे. भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं. दिल्ली में रहने वाले ये राजनयिक विशेष विमान में श्रीनगर के तकनीकी हवाई-अड्डे पर पहुंचे. वहां नवगठित केंद्र शाषित प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों ने उनका स्वागत किया.

राजनयिकों के इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका के अतिरिक्त बांग्लादेश, वियतनाम, नोर्वे,मालद्वीप, दक्षिण कोरिया, मोरक्को तथा नाइजीरिया के राजनयिक भी शामिल हैं. इससे पहले अक्टूबर 2019 में यूरोपीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गया था.




[One  liner hindi current affairs]



भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक ने ‘किसान नवोन्मेष कोष’ की स्थापना जिस शहर में करने की घोषणा की है- नई दिल्ली

• हाल ही में जिस राज्य सरकार ने राज्य में विक्रम साराभाई बाल नवोन्मेष केंद्र की स्थापना की घोषणा की है- गुजरात

• ईरान ने हाल ही में जिस देश में स्थिति अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया है- इराक

• पाकिस्तान की संसद ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को जितने वर्ष का सेवा विस्तार देने हेतु बिल पारित कर दिया है- तीन वर्ष

• भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया और मोरक्को समेत जितने देशों के राजनयिक हाल ही में दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर दौरे पर श्रीनगर पहुंचे-16

• प्रवासी भारतीय दिवस जिस दिन मनाया जाता है-09 जनवरी

• केंद्र सरकार ने जितने पूर्वोत्तर राज्यों का प्राकृतिक गैस पाइपलाइन ग्रिड बनाने के लिए इन्द्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड को 5059 करोड़ का पूंजीगत अनुदान मंजूर किया है-8

• भारतीय मूल की जिस लेखिका को हाल ही में यूके चिल्ड्रेन बुक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है- जसबिन्दर बिलान

• नासा के उपग्रह TESS ने हाल ही में पृथ्वी के आकार के जिस गृह की खोज की है जिसपर जीवन की संभावनाएं भी जताई गई हैं- TOI 700 d

• फोर्ब्स द्वारा हाल ही में जारी की गई ‘20 people to watch in the 2020s’ सूची में जिस भारतीय को जगह नहीं मिली है- नरेंद्र मोदी



General knowledge current affairs in Hindi



क्या है ?राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर(NPR)


राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) और नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में अफरा-तफरी मची हुई है. ऐसी माहौल में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के लिए पहल शुरू होने से लोगों के मन में बहुत विभ्रान्ति उत्पन्न हो गयी है. 

बहुत से लोग नहीं जान पा रहे हैं कि आखिर ये राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) क्या है और इसे क्यों अपडेट किया जा रहा है? आइये इस लेख में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के बारे में जानते हैं.

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) क्या है?(What
 is The National Population Register
(NPR)


राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR); जन्म तिथि, वैवाहिक स्थिति, जन्म स्थान और राष्ट्रीयता (घोषित) आदि से संबंधित भारतीय नागरिकों का एक डेटा बेस है अर्थात NPR देश के सभी नागरिकों के जनसांख्यिकी विवरणों का डेटा है. सभी नागरिकों के लिए एनपीआर में पंजीकरण और सरकार को सही विवरण बताना अनिवार्य है.

ज्ञातव्य है कि भारत में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कारगिल समीक्षा समिति ने गैर-नागरिकों और नागरिकों के अनिवार्य पंजीकरण की सिफारिश की थी. इन सिफारिशों को 2001 में स्वीकार किया गया था. 

वर्तमान में जारी एनपीआर अपडेट की प्रक्रिया असम को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी जिसे अप्रैल से सितंबर के बीच पूरा किया जायेगा.

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के उद्देश्य

(Objectives of The National Population
Register-NPR)


दरअसल, केंद्र और राज्य सरकारें कई जन कल्याणकारी योजनायें बनातीं हैं. लेकिन सरकार को कोई योजना बनाने से पहले यह जानना जरूरी होता कि जिन लोगों के लिए कोई योजना बनायी जा रही है उन लोगों की संख्या कितनी है, उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है, उनकी क्या आवश्यकताएं हैं और वे देश के किस राज्य में रहते हैं इत्यादि?

इस प्रकार, NPR का मूल उद्देश्य देश के नागरिकों का पूरा जनसांख्यिकीय डेटा एकत्र करना है. इस एनपीआर डेटा में न केवल जनसांख्यिकीय बल्कि बायोमेट्रिक डेटा भी होगा.
इस सम्बन्ध में और स्पष्टता लाते हुए जनगणना आयोग ने कहा है कि NPR का उद्देश्य देश के प्रत्येक "सामान्य निवासी" का एक व्यापक पहचान डेटाबेस तैयार करना है.

NPR में किस तरह का डेटा शामिल किया जाएगा?

NPR में मूल रूप से संबंधित देश के प्रत्येक व्यक्ति के जनसांख्यिकीय विवरण को कवर किया जायेगा. ये डेटा होगा;

1. राष्ट्रीयता (घोषित)

2. व्यक्ति का नाम

3. जन्म तिथि 

4. जन्म स्थान 

5. माँ का नाम

6. पिता का नाम

7. लिंग 

8. वैवाहिक स्थिति

9. पति का नाम (यदि विवाहित है)

10. स्थायी आवासीय पता

11. शैक्षिक योग्यता

12. व्यवसाय 

13. वर्तमान पते पर रहने की अवधि

14. सामान्य निवास का पता

15. घर के मुखिया से सम्बन्ध 

NPR की वर्तमान स्थिति क्या है? (What is the 

current status of the NPR)

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा 2010 में भारत की जनगणना 2011 के साथ एकत्र किया गया था. जनगणना के दौरान एकत्र किए गए डेटा को 2015 में पहले ही अपडेट किया जा चुका है और इसे डिजिटल भी बनाया जा चुका है.

अब सरकार ने जनगणना 2021 के साथ-साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का फैसला किया है. यही वजह है कि NPR चर्चा में है.

इसलिए एनपीआर के अपडेशन से सरकार को देश के लक्षित समूहों का आकलन करने में मदद मिलेगी, ताकि केंद्र पोषित योजनाओं के कार्यान्वयन से पहले उचित योजना बनाई जा सके.


कैसे लगता है चंद्रग्रहण?ये केसे लगता है ओर ये 

कितने प्रकार के होते है । आज चंद्रग्रहण का टाईम 2020


चंद्र ग्रहण को lunar eclipse भी कहते हैं. 10 जनवरी 2020 को लगने वाले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि लगभग 4 घंटे और 5 मिनट है. नासा ने इस खगोलीय घटना को 'वुल्फ मून एक्लिप्स' (Wolf Moon Eclipse) कहा है.

आपको बता दें कि खंडच्छायायुक्त या उपच्छाया चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण से काफी धुंधला होता है.

भारत में खंडच्छायायुक्त या उपच्छाया चंद्र ग्रहण का समय

Timeanddate.com के अनुसार, चंद्रग्रहण 10 जनवरी, 2020 को रात 10:37 बजे शुरू होगा और 11 जनवरी, 2020 की सुबह 2:42 बजे समाप्त हो जाएगा. अधिकतम ग्रहण का समय 12:42 बजे 11 जनवरी को सुबह का है.

चंद्र ग्रहण यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर और आर्कटिक क्षेत्र में दिखाई देगा. अधिकांश उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के पूर्वी हिस्से में भी चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा.

चंद्र ग्रहण कब लगता है?

चंद्र ग्रहण एक खगोलीय स्थिति है. जैसा कि हम जानते हैं कि चंद्रमा का अपना प्रकाश नहीं होता है परन्तु फिर भी यह चमकता है क्योंकि इसकी सतह सूर्य की किरणों को प्रतिबिंबित करती हैं. जब सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती है तो चंद्र ग्रहण लगता है. परिणामस्वरूप यह सूर्य की किरणों को सीधे चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है.

चंद्र ग्रहण कितने प्रकार का होता है?

चंद्र ग्रहण तीन प्रकार का होता है: पूर्ण चंद्र ग्रहण, आंशिक चंद्र ग्रहण और खंडच्छायायुक्त चंद्र ग्रहण. इन सबमें सबसे ज्यादा प्रभावशाली पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है.

पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse): यह तब लगता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती है और ऐसे में पृथ्वी चंद्रमा को पूरी तरह से ढक लेती है. उस समय चंद्रमा पूरी तरह से लाल या ऑरेंज कलर का नज़र आता है और इसी समय ही चंद्रमा पर धब्बे साफ देखे जा सकते हैं. यहीं आपको बता दें कि ऐसी स्थिति सिर्फ पूर्णिमा के दिन ही बनती है. पूर्णिमा को ही पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने की संभावना होती है. इसे सुबर ब्लड मून भी कहा जाता है.

आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse): यह तब लगता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी पूरी न आकर उसकी छाया चंद्रमा के कुछ हिस्सों पर पड़ती है. यानी पृथ्वी की छाया सूर्य ओर चंद्रमा के कुछ खंड पर ही पड़ती है. इस ग्रहण का समय ज्यादा लम्बा नहीं होता है.

खंडच्छायायुक्त या उपच्छाया चंद्र ग्रहण (Penumbral Lunar Eclipse): ऐसा चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है. परन्तु इस स्थिति में सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी लाइन में नहीं होते हैं. इस दौरान पृथ्वी के बाहरी हिस्से की छाया जिसे उपच्छाया या पिनम्‍ब्र कहा जाता है, चंद्रमा के बाकी हिस्से में पड़ती है. यानी चंद्रमा पृथ्वी की छाया से धुंधला नहीं होता है और एक प्रकार की उपच्छाया उपस्थित हो जाती है. यह हमेशा आंशिक चंद्र ग्रहण से ही शुरू होता है.

तो अब आप जान गए होंगे की चंद्र ग्रहण कैसे लगता है, कितने प्रकार का होता है, और जो 10 जनवरी को चंद्र ग्रहण लगने वाला है वह उपच्छाया चंद्र ग्रहण है और लगभग 4 घंटे 5 मिनट की अवधि तक लगेगा. इसे भारत में भी देखा जाएगा. यह 2020 का पहला चंद्र ग्रहण होगा. आखिर में आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण को बिना चश्मे या लेंस के भी देखा जा सकता है.



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